बेटी के लिए हर महीने 1000 रुपये जमा करें, 21 साल बाद मिलेंगे 6 लाख रुपये - देखें कैलकुलेशन Sukanya Samriddhi Yojana 2025
बेटी के भविष्य की चिंता हर माता-पिता को सताती है। पढ़ाई का खर्च, शादी का खर्च, इन सब के बारे में सोचकर टेंशन होती है। कुछ लोग तो बेटी के जन्म से ही बचत करना शुरू कर देते हैं लेकिन सही जगह पर पैसा न लगने से अच्छा रिटर्न नहीं मिलता। बैंक में एफडी करवाओ तो ब्याज कम मिलता है, म्यूचुअल फंड में लगाओ तो रिस्क है। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की है। यह योजना खास तौर पर बेटियों के लिए बनाई गई है। इसमें 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है जो दूसरी सरकारी योजनाओं से ज्यादा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जमा किया गया पैसा, ब्याज और मैच्योरिटी की रकम तीनों पर कोई टैक्स नहीं लगता। हर महीने छोटी-छोटी बचत करके लाखों रुपये का फंड तैयार कर सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना क्या है
यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैंपेन के तहत शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए पैसा जुटाना है। साथ ही लड़कियों के प्रति समाज की सोच बदलना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इस योजना का मकसद है। यह एक लंबी अवधि की बचत योजना है जो 21 साल में मैच्योर होती है। खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक पैसा जमा करना होता है। इसके बाद खाते में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है। यह योजना पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि इसे सरकार चलाती है। किसी भी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में यह खाता खुलवाया जा सकता है। एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक जैसे सभी बड़े बैंकों में यह सुविधा उपलब्ध है।
कितना ब्याज मिलता है इस योजना में
2025 में सुकन्या समृद्धि योजना में 8.2 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज मिल रहा है। यह ब्याज दर हर तिमाही में सरकार तय करती है। अक्टूबर से दिसंबर 2025 की तिमाही में भी यही दर बरकरार है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड में 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलता है, पोस्ट ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट में 6.9 से 7.5 प्रतिशत मिलता है लेकिन सुकन्या योजना में सबसे ज्यादा ब्याज मिलता है। ब्याज की गणना सालाना चक्रवृद्धि के आधार पर होती है। यानी हर साल ब्याज को मूलधन में जोड़ दिया जाता है और अगले साल उस पूरी रकम पर ब्याज मिलता है। मान लीजिए आपने पहले साल 10 हजार रुपये जमा किए। एक साल बाद इस पर 820 रुपये ब्याज मिलेगा। दूसरे साल आप फिर 10 हजार जमा करते हैं तो अब ब्याज 20,820 रुपये पर लगेगा। इसी तरह हर साल ब्याज बढ़ता जाता है और आपका फंड तेजी से बढ़ता है।
महीने के 1000 रुपये से कितना बनेगा फंड
अब सबसे जरूरी बात यह है कि अगर आप हर महीने 1000 रुपये जमा करें तो 21 साल बाद कितना पैसा मिलेगा। महीने के 1000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये जमा करने पर 15 साल में कुल 1.8 लाख रुपये आपके जमा होंगे। लेकिन जब यह खाता 21 साल बाद मैच्योर होगा तो आपको करीब 6 लाख रुपये मिलेंगे। यानी साढ़े चार लाख रुपये सिर्फ ब्याज से मिलेंगे। यह कैलकुलेशन 8.2 प्रतिशत ब्याज दर पर है। अगर ब्याज दर बढ़ती है तो रकम और ज्यादा होगी। अगर आप महीने के 2000 रुपये जमा करें यानी सालाना 24,000 रुपये तो 15 साल में 3.6 लाख जमा होंगे और 21 साल बाद करीब 12 लाख रुपये मिलेंगे। अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा कर सकते हैं। अगर कोई पूरे 1.5 लाख रुपये सालाना जमा करता है तो 15 साल में 22.5 लाख जमा होंगे और 21 साल बाद करीब 70 लाख रुपये का फंड बनेगा।
कैलकुलेटर से कैसे करें गणना
सुकन्या समृद्धि योजना की रकम की गणना हाथ से करना मुश्किल है क्योंकि हर साल चक्रवृद्धि ब्याज लगता है। इसके लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर उपलब्ध हैं। एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक जैसे बैंकों की वेबसाइट पर कैलकुलेटर मिल जाता है। पोस्ट ऑफिस की वेबसाइट पर भी कैलकुलेटर है। इसके अलावा ग्रो, क्लियर टैक्स, पैसाबाजार जैसी वेबसाइट्स पर भी मुफ्त में कैलकुलेटर मिल जाता है। कैलकुलेटर में तीन चीजें भरनी होती हैं। पहला, सालाना कितना पैसा जमा करना है। दूसरा, कितने साल तक जमा करना है। तीसरा, ब्याज दर क्या है। ये तीनों डिटेल डालते ही कैलकुलेटर बता देता है कि मैच्योरिटी पर कितना पैसा मिलेगा। कितना ब्याज मिलेगा और कुल रकम कितनी होगी यह सब दिख जाता है। कुछ कैलकुलेटर में साल दर साल का ब्रेकअप भी मिलता है जिससे आप देख सकते हैं कि हर साल कितना ब्याज जुड़ रहा है। एक्सेल में भी कैलकुलेटर बना सकते हैं। इसके लिए फार्मूला लगाना पड़ता है लेकिन ऑनलाइन कैलकुलेटर ज्यादा आसान है।
खाता कैसे खुलवाएं
सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाना बहुत आसान है। सबसे पहले यह तय करें कि पोस्ट ऑफिस में खुलवाना है या बैंक में। अगर आपका पहले से किसी बैंक में खाता है तो वहीं खुलवाना सुविधाजनक रहेगा। नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक की ब्रांच में जाएं। वहां सुकन्या समृद्धि योजना का फॉर्म मिलेगा। फॉर्म में बेटी की जानकारी और माता-पिता की जानकारी भरनी होती है। साथ में कुछ दस्तावेज देने होते हैं। बेटी का जन्म प्रमाण पत्र जरूरी है। माता-पिता का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एड्रेस प्रूफ चाहिए। बेटी की फोटो और माता-पिता की फोटो लगानी होती है। खाता खोलने के लिए कम से कम 250 रुपये जमा करने होते हैं। फॉर्म भरकर और दस्तावेज जमा करने के बाद खाता खुल जाता है। आपको एक पासबुक मिलती है जिसमें सभी जमा की डिटेल होती है।
खाता खोलने की शर्तें क्या हैं
खाता बेटी के 10 साल की उम्र से पहले खुलवाना जरूरी है। जन्म के तुरंत बाद भी खुलवा सकते हैं। एक बेटी के लिए सिर्फ एक ही खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में दो बेटियों के लिए दो खाते खुल सकते हैं। अगर जुड़वां या तीन बेटियां एक साथ पैदा हुई हैं तो दो से ज्यादा खाते भी खुल सकते हैं लेकिन इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। बेटी भारत की नागरिक होनी चाहिए। एनआरआई यानी विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए यह योजना नहीं है। खाता सिर्फ माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही खोल सकते हैं। बेटी 18 साल की हो जाने के बाद वह खुद अपना खाता संभाल सकती है। खाता 21 साल में मैच्योर होता है या फिर बेटी की शादी 18 साल के बाद हो जाती है तो उस समय खाता बंद हो जाता है।
साल में कितना पैसा जमा कर सकते हैं
एक साल में कम से कम 250 रुपये और ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। पहले मिनिमम डिपॉजिट 1000 रुपये था लेकिन अब सिर्फ 250 रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव छोटे परिवारों के लिए फायदेमंद है। 250 रुपये के बाद 50-50 रुपये के मल्टीपल में पैसा जमा कर सकते हैं। यानी 250, 300, 350, 400 इस तरह से जमा कर सकते हैं। एक साल में कितनी बार भी पैसा जमा कर सकते हैं। महीने में एक बार जमा करें या फिर एक साथ साल में एक बार जमा करें, दोनों तरीके चलते हैं। खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक पैसा जमा करना होता है। इसके बाद जमा करने की जरूरत नहीं है लेकिन खाते में पड़ी रकम पर ब्याज मिलता रहता है। अगर किसी साल पैसा जमा नहीं किया तो खाता डिफॉल्ट हो जाएगा। डिफॉल्ट खाते को फिर से चालू करने के लिए 50 रुपये पेनाल्टी के साथ मिनिमम डिपॉजिट जमा करना होगा।
टैक्स में कितनी छूट मिलती है
यह योजना का सबसे बड़ा फायदा है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत जो पैसा जमा करते हैं उस पर 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। यानी अगर आपने साल में 1.5 लाख रुपये इस योजना में जमा किए तो आपकी टैक्सेबल इनकम में से 1.5 लाख रुपये कम हो जाएंगे। अगर आप 30 प्रतिशत टैक्स ब्रैकेट में हैं तो 45,000 रुपये का टैक्स बच जाएगा। इससे भी बड़ी बात यह है कि जो ब्याज मिलता है उस पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। आम तौर पर बैंक की एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है लेकिन यहां नहीं। सबसे बड़ी बात यह है कि मैच्योरिटी पर जो पैसा मिलता है उस पर भी टैक्स नहीं लगता। इसे ईईई स्कीम कहते हैं यानी एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट। निवेश पर छूट, ब्याज पर छूट और मैच्योरिटी पर छूट। इतनी सुविधा किसी और योजना में नहीं मिलती।
पैसा कब निकाल सकते हैं
खाता 21 साल में मैच्योर होता है तभी पूरा पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन कुछ हालात में पहले भी पैसा निकाला जा सकता है। बेटी 18 साल की हो जाए और उसे पढ़ाई के लिए पैसे की जरूरत हो तो खाते में जमा रकम का 50 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। यह सुविधा कॉलेज की पढ़ाई के लिए दी गई है। अगर बेटी की शादी 18 साल की उम्र के बाद हो जाती है तो खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है। इस स्थिति में पूरा पैसा मिल जाएगा। अगर दुर्भाग्यवश बेटी की मृत्यु हो जाती है तो भी खाता बंद करके पैसा मिल जाएगा। अगर माता-पिता की मृत्यु हो जाती है तब भी खाता बंद किया जा सकता है। कुछ और गंभीर हालातों में भी खाता 5 साल बाद बंद किया जा सकता है लेकिन इसके लिए कारण बताना होगा।
खाता ट्रांसफर कैसे करें
अगर आपने पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाया है और अब बैंक में ट्रांसफर करना चाहते हैं तो कर सकते हैं। इसके उलट बैंक से पोस्ट ऑफिस में भी ट्रांसफर हो सकता है। एक बैंक से दूसरे बैंक में भी ट्रांसफर किया जा सकता है। अगर आप एक शहर से दूसरे शहर जा रहे हैं तो खाता भी वहां ट्रांसफर हो सकता है। यह सुविधा बिल्कुल मुफ्त है। ट्रांसफर के लिए एप्लीकेशन देनी होती है। पासबुक और दूसरे जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। कुछ दिनों में खाता नई ब्रांच में ट्रांसफर हो जाता है। पोस्ट ऑफिस में खुलवाने का फायदा यह है कि छोटे शहरों और गांवों में भी पोस्ट ऑफिस होते हैं। बैंक में खुलवाने का फायदा यह है कि ऑनलाइन बैंकिंग से पैसा जमा कर सकते हैं और बैलेंस चेक कर सकते हैं।
ऑनलाइन कैसे जमा करें पैसा
अगर खाता बैंक में है तो ऑनलाइन पैसा जमा कर सकते हैं। इसके लिए इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करें। अपने सेविंग अकाउंट से सुकन्या खाते में ट्रांसफर कर दें। एनईएफटी या आरटीजीएस से भी पैसा भेज सकते हैं। कुछ बैंक स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन की सुविधा देते हैं। इसमें आप एक बार इंस्ट्रक्शन दे दें कि हर महीने की तारीख को इतना पैसा ऑटो डेबिट होकर सुकन्या खाते में जमा हो जाए। इससे आपको हर महीने याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती। पोस्ट ऑफिस में ऑनलाइन की सुविधा कम है। वहां जाकर कैश या चेक से पैसा जमा करना होता है। हालांकि अब इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधा आ गई है जिससे कुछ ऑनलाइन सुविधा मिलने लगी है। बैंक की पासबुक में हर जमा की एंट्री होती है। कुछ बैंक एसएमएस भी भेजते हैं जब पैसा जमा होता है।
बैंक और पोस्ट ऑफिस में क्या फर्क है
बैंक और पोस्ट ऑफिस दोनों में ब्याज दर एक ही है। सरकार सभी जगह एक ही दर तय करती है। फायदे और शर्तें भी दोनों जगह एक जैसी हैं। फिर भी कुछ फर्क हैं। पोस्ट ऑफिस देश के कोने-कोने में है इसलिए छोटे शहर और गांव के लोगों के लिए सुविधाजनक है। बैंक में ऑनलाइन सुविधा ज्यादा अच्छी है। बैंक की वेबसाइट या ऐप से बैलेंस चेक कर सकते हैं, स्टेटमेंट डाउनलोड कर सकते हैं, पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस में ये सुविधाएं कम हैं। अगर आपका पहले से किसी बैंक में खाता है तो वहीं सुकन्या खाता खुलवाना आसान रहता है। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है और लगभग हर जगह इसकी ब्रांच है। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस जैसे प्राइवेट बैंकों की सर्विस अच्छी होती है। अपनी सुविधा के हिसाब से चुनें।
जरूरी दस्तावेज कौन-कौन से हैं
खाता खोलते समय कुछ दस्तावेज जरूरी हैं। बेटी का जन्म प्रमाण पत्र सबसे जरूरी है। यह नगर निगम या पंचायत से मिलता है। अस्पताल का डिस्चार्ज सर्टिफिकेट भी काम आता है। माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड देना होता है। पैन कार्ड भी मांगा जाता है। एड्रेस प्रूफ के लिए राशन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या बिजली का बिल दे सकते हैं। बेटी की दो पासपोर्ट साइज फोटो चाहिए। माता-पिता की भी फोटो लगानी होती है। अगर जुड़वां बेटियों के लिए खाता खोल रहे हैं तो मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा। कुछ बैंक आईडी प्रूफ के लिए स्कूल सर्टिफिकेट भी मांग सकते हैं। सभी दस्तावेज की फोटोकॉपी के साथ ओरिजिनल भी ले जाएं ताकि वेरिफिकेशन हो सके।
योजना के फायदे
इस योजना के कई बड़े फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सरकारी योजना है इसलिए पूरी तरह सुरक्षित है। पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं है। 8.2 प्रतिशत ब्याज मिलता है जो पीपीएफ और दूसरी छोटी बचत योजनाओं से ज्यादा है। चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा मिलता है जिससे पैसा तेजी से बढ़ता है। तीनों तरह की टैक्स छूट मिलती है। 250 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं जो बहुत कम है। 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं जो काफी है। किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस से ट्रांसफर हो सकता है। बेटी की पढ़ाई के लिए 50 प्रतिशत पैसा निकाल सकते हैं। 21 साल का लॉकइन पीरियड है जिससे लंबी अवधि के लिए अच्छा फंड बनता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के उद्देश्य को पूरा करती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
योजना का फायदा उठाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। खाता बेटी के 10 साल की उम्र से पहले खुलवाना जरू

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